1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तराखंड
  3. उत्तराखंडः शीतकालीन चारधाम यात्रा शुरू, मुख्यमंत्री धामी ने किया शुभारंभ

उत्तराखंडः शीतकालीन चारधाम यात्रा शुरू, मुख्यमंत्री धामी ने किया शुभारंभ

चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। अब आप सिर्फ 6 महीने ही नहीं बल्कि 12 महीने यानि पूरे साल भर चारधाम यात्रा कर सकते हैं। ग्रीष्मकालीन के बाद अब शीतकालीन यात्रा भी आप कर पाएंगे। इसकी शुरुआत धामी सरकार ने कर दी है। अगर आप चारधाम यात्रा पर जाने के इच्छुक हैं तो ये आपके लिए अच्छी खबर है। अब आप सिर्फ 6 महीने ही नहीं बल्कि पूरे साल भर चारधाम यात्रा कर सकते हैं।

By HO BUREAU 

Updated Date

देहरादून। चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। अब आप सिर्फ 6 महीने ही नहीं बल्कि 12 महीने यानि पूरे साल भर चारधाम यात्रा कर सकते हैं। ग्रीष्मकालीन के बाद अब शीतकालीन यात्रा भी आप कर पाएंगे। इसकी शुरुआत धामी सरकार ने कर दी है। अगर आप चारधाम यात्रा पर जाने के इच्छुक हैं तो ये आपके लिए अच्छी खबर है। अब आप सिर्फ 6 महीने ही नहीं बल्कि पूरे साल भर चारधाम यात्रा कर सकते हैं।

पढ़ें :- उत्तराखंड में कोई जातिगत भेदभाव नहीं, कांग्रेस मुद्दाविहीन है : CM धामी

उत्तराखंड की धामी सरकार ने इसकी शुरूआत कर दी है। बाकायदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास स्थल और पंचकेदारों के गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से चारों धामों की शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ किया।सरकार की कोशिश और मंशा ये है कि श्रद्धालुओं के लिए 12 महीने यात्रा से जुड़े हुए सभी व्यवसायियों को भी रोजगार मिले जिससे राज्य की तकदीर और तस्वीर सुधरे।

धामी सरकार 12 महीने के लिए शुरु की गई चारधाम यात्रा को लेकर खुश है मगर मुख्य विपक्ष दल कांग्रेस इस कोशिश पर सवाल खड़े कर रही है ये कहते हुए कि ये कवायद महज सुर्खियां बटोरने के लिए इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं । सरकार पहले व्यवस्था में सुधार करने की जरुरक है।

बता दें कि शीतकाल में उत्तरकाशी के खरसाली गांव खुशीमठ में मां यमुना की पूजा होती है, जबकि उत्तरकाशी जिले में ही भागीरथी नदी के किनारे बसे मुखबा गांव मुखीमठ में मां गंगा की पूजा अर्चना की जाती है। इसी तरह रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में बाबा केदार की शीतकालीन पूजा होती है।

वहीं, चमोली के ज्योतिर्मठ के नृसिंह मंदिर में आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी की पूजा होती है तो उद्धव एवं कुबेर जी की पांडुकेश्वर में पूजा होती है।अबपूरे साल भर चारदाम यात्रा चलेगी। इसी के साथ- साथ माना जा रहा है कि सिर्फ 6 महीने ही जो अधिकारी व्यवस्था करते थे यात्रो को लेकर अब पूरे साल भर व्यवस्था करने के लिए अधिकारी और ज्यादा एक्टिव रहेंगे तो व्यवस्था और ज्यादा सुधरेगी।

पढ़ें :- Uttarakhand News : प्रदेश में लखपति दीदियों का बढ़ा आंकड़ा, तीन लाख पार

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com