नई दिल्ली, 26 जुलाई 2022
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 जुलाई को गुजरात दौरे पर रहेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 जुलाई को गुजरात में स्थित भारत के पहले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC), इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT सिटी) का दौरा करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी IFSCA के मुख्यालय भवन की आधारशिला रखेंगे। PM GIFT-IFSC में इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX), भारत का पहला इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज लॉन्च करेंगे। प्रधानमंत्री NSE IFSC-SGX कनेक्ट भी लॉन्च करेंगे।
2. विचारधाराओं से बड़े हैं देश और समाज के हित- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश और समाज के हित को विचारधाराओं से बड़ा बताते हुए कहा कि हाल के दिनों में विचारधारा या राजनीतिक हितों को समाज और देश के हित से ऊपर रखने का चलन शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि विचारधाराओं का अपना स्थान है, लेकिन देश और समाज सबसे पहले आते हैं।
3. राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह में खड़गे की सीट को लेकर विपक्ष के आरोपों का सरकार ने किया खंडन
सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह में उपयुक्त सीट नहीं दिए जाने के आरोपों का खंडन किया है। सरकार का कहना है कि उन्हें प्रथम पंक्ति में स्थान दिया गया था। विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि ये बिना बात का मुद्दा बनाया जा रहा है। प्रधानता के क्रम में उन्हें प्रथम पंक्ति में बैठाया गया, जबकि केन्द्रीय मंत्रियों को दूसरी पंक्ति में स्थान मिला।
4. संसद और राज्यों की विधानसभाएं जबरन धर्म-परिवर्तन रोकने को लेकर कानून बनाने का अधिकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि संसद और राज्यों की विधानसभाएं जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानून बनाने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन कोर्ट इस पर तभी विचार करेगी जब मजबूत तथ्य रखा जाए। जस्टिस संजीव सचदेवा की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये धर्म परिवर्तन रोकने के लिए कानून बनाने का दिशानिर्देश जारी करने की मांग पर सुनवाई के दौरान ये टिप्पणी की।
5. ED ने कोर्ट में बताया कि 12 मुखौटा कंपनियां चलाती थीं अर्पिता, पार्थ भी थे पार्टनर
प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट के सामने खुलासा किया है कि पश्चिम बंगाल में शिक्षक नियुक्ति मामले में भ्रष्टाचार को लेकर गिरफ्तार मंत्री पार्थ चटर्जी और उनके करीबी अर्पिता मुखर्जी 12 मुखौटा कंपनियां चलाते थे। कोर्ट में ED ने दावा किया है कि अर्पिता 12 मुखौटा कंपनियों की मालकिन हैं। इतना ही नहीं पार्थ चटर्जी भी उनके पार्टनर थे। ED ने कोर्ट में ये भी बताया है कि अर्पिता ने मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल वित्तीय हेरफेर के लिए किया है।