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इस भारतीय पीएम के कहने पर देशवासियों ने छोड़ दिया था सप्ताह में एक वक्त का भोजन

आज के इतिहास में जानें उस समय के बारे में जब देश की आन के लिए देशवासियों ने अपने पीएम के कहने पर छोड़ दिया था सप्ताह में एक वक्त का भोजन।

By इंडिया वॉइस 
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जिनके कहने पर देश ने सप्ताह में एक वक्त का भोजन छोड़ दिया: 1965 की लड़ाई के दौरान भारत पर दबाव बनाने की मंशा से तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति लिंडन जानसन ने धमकी का दांव चला। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को कहा कि अगर पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई बंद नहीं की गयी तो भारत को पीएल 480 के तहत जो लाल गेहूं अमेरिका भेजता है, उसे बंद कर दिया जाएगा।

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धमकी गंभीर थी क्योंकि गेहूं के उत्पादन में भारत आत्मनिर्भर नहीं था। देश अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए एक हद तक विदेशी मदद पर निर्भर था। लेकिन स्वाभिमानी लालबहादुर शास्त्री को अमेरिका की धमकी चुभ गयी। उन्होंने आकलन किया कि देशवासी अगर सप्ताह में एक समय का भोजन छोड़ दें तो अमेरिकी धमकी बेमानी हो जाएगी। हालांकि इस फैसले तक पहुंचने से पहले उन्होंने अपने घर में इसे आजमाना जरूरी समझा। वह देखना चाहते थे कि उनके बच्चे एक समय का भोजन छोड़ पाते हैं या नहीं।

जब अपने घर में प्रयोग सफल रहा तो उन्होंने देशवासियों से सप्ताह में एक समय का भोजन त्यागने का आह्वान किया- हमें भारत का स्वाभिमान बनाए रखने के लिए देश के पास उपलब्ध अनाज से ही काम चलाना होगा। हम किसी भी देश के आगे हाथ नहीं फैला सकते। यदि हमने किसी देश द्वारा अनाज देने की पेशकश स्वीकार की तो यह देश के स्वाभिमान पर चोट होगी इसलिए देशवासियों को सप्ताह में एक वक्त का उपवास करना चाहिये। इससे देश इतना अनाज बचा लेगा कि अगली फसल आने तक देश में अनाज की उपलब्धता बनी रहेगी।

इस आह्वान का देश पर गहरा असर पड़ा। लोगों ने बिना किसी हिचकिचाहट के सप्ताह में एक दिन एक समय का भोजन छोड़ दिया। नतीजा, देश की अगली फसल आने तक स्वाभिमानी भारत को किसी दूसरे देश से अनाज लेने की नौबत नहीं आई।

हालांकि 11 जनवरी 1966 को भारत-पाकिस्तान के बीच ताशकंद समझौते के चंद घंटे बाद रात को लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गयी।

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अन्य अहम घटनाएंः

1944ः झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का जन्म।

1954ः नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी का जन्म।

1973ः भारत के पूर्व क्रिकेटर और टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच राहुल द्रविड़ का जन्म।

1990ः ध्रुपद-धमार शैली के गायक राम चतुर मल्लिक का निधन।

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2008ः शेरपा तेनजिंग के साथ माउंड एवरेस्ट के प्रथम आरोहनकर्ता सर एडमंड हिलेरी का निधन।

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