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Ukraine War : संयुक्त राष्ट्र महासभा के विशेष सत्र में रूस-बेलारूस की जमकर हुई आलोचना

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी आयोग के उच्चायुक्त फिल्प्पो ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र 40 लाख शरणार्थियों के लिए बंदोबस्त करने में जुटा है। अभी तक 5 लाख, 20 हज़ार लोग यूक्रेन छोड़ कर सीमावर्ती देशों में पहुंच चुके हैं। पिछले तीन दशक के दौरान ये शरणार्थी समस्या सबसे भयावह रूप लेकर सामने आई है।

By इंडिया वॉइस 
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न्यूयॉर्क,1 मार्च। संयुक्त राष्ट्र महासभा के विशेष सत्र में पहले दिन यूक्रेन-रूस युद्ध प्रकरण में पश्चिमी देशों ने रूस और बेलारूस की जम कर खिंचाई की। इस प्रकरण पर कई देशों ने विशेष सत्र में अपनी राय रखने की जानकारी दी है। इसे देखते हुए सत्र की अवधि बढ़ा दी गई है। उम्मीद है कि सत्र बुधवार तक चलेगा।

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युद्ध के कारण मानवाधिकारों का हनन- UN

संयुक्त राष्ट्र महासभा के विशेष सत्र में पहले दिन सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि यूक्रेन में युद्ध तुरंत रोके जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण मानवाधिकारों का हनन हो रहा है और असहाय लोग मर रहे हैं। इस युद्ध ने यूक्रेन के लाखों लोगों को घर बार छोड़ने के लिए मजबूर किया है। आज शरणार्थी समस्या फिर से मुंह बाए खड़ी है।

अभी तक 5 लाख, 20 हज़ार लोगों ने यूक्रेन छोड़ा

वहीं संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी आयोग के उच्चायुक्त फिल्प्पो ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र 40 लाख शरणार्थियों के लिए बंदोबस्त करने में जुटा है। अभी तक 5 लाख, 20 हज़ार लोग यूक्रेन छोड़ कर सीमावर्ती देशों में पहुंच चुके हैं। पिछले तीन दशक के दौरान ये शरणार्थी समस्या सबसे भयावह रूप लेकर सामने आई है। उन्होंने सदस्य देशों से अधिकाधिक मदद की अपील भी की। महासभा में अफ्रीका और केन्या के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा की उनके लोगों को यूक्रेन छोड़ने में दिक्कतें आ रही हैं।

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गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र के 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने बहुमत (11-3-1) से एक प्रस्ताव पारित कर महासभा का विशेष सत्र बुलाए जाने का फैसला किया था। उम्मीद की जा रही है कि बुधवार को 111 सदस्यीय महासभा की बैठक में पश्चिमी देशों से प्रेरित एक प्रस्ताव पारित कर यूक्रेन पर आक्रमण के लिए रूस की निंदा की जाएगी। प्रस्ताव में युद्ध की विभीषिका टालने पर जोर दिया जा सकता है।

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