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उत्तराखंड : गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चट्टान टूटने से चारधाम यात्रा बाधित

गोपेश्वर मार्ग में चट्टान खिसकने से चारधाम यात्रा को रोक दिया गया है। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने गुप्तकाशी-कुण्ड-ऊखीमठ जाने वाले वाहनों को विद्यापीठ होकर भेजा गया।

By इंडिया वॉइस 
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गुप्तकाशी,12 मई। कुण्ड-चोपता गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर संसारी के निकट गुरुवार को राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा खिसकने से राजमार्ग पर चार धाम यात्रा बाधित हो गयी है। राजमार्ग पर चट्टान खिसकने का कारण बरसात के समय ऊपरी हिस्से से पानी रिसाव होना माना जा रहा है।

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पुलिस प्रशासन ने गुप्तकाशी-कुण्ड-ऊखीमठ जाने वाले वाहनों को विद्यापीठ होकर भेजा जा रहा है। राजमार्ग यातायात को बहाल करने के प्रयास किये जा रहे हैं, मगर उक्त स्थान पर चट्टान होने के कारण यातायात बहाल करने में समय लग सकता है। राजमार्ग पर यातायात बाधित होने के कारण जिला मुख्यालय से तहसील मुख्यालय सम्पर्क करने वाले ग्रामीणों को भीरी-मक्कू बैण्ड होकर कई किमी अतिरिक्त दूरी तय करने पड़ रही है।

राजमार्ग पर यदि समय रहते यातायात बहाल नही होता है तो तहसील मुख्यालय सहित मद्महेश्वर घाटी में खाद्यान्न संकट गहरा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि तोड़ी डाली-पठाली-काकडागाड निर्माणाधीन मोटर मार्ग का निर्माण कार्य यदि युद्ध स्तर पर होता तो वैकल्पिक रूप से इस मोटर मार्ग से आवाजाही हो सकती है।

गौरतलब है कि गुरुवार सुबह लगभग नौ बजे कुण्ड-चोपता-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर संसारी के निकट चट्टान खिसकने से राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। चट्टान खिसकने का मुख्य कारण बरसात के समय राजमार्ग के ऊपरी हिस्से से पानी का रिसाव होना माना जा रहा है। गनीमत तो यह रही की चट्टान खिसकते समय किसी वाहन की आवाजाही नहीं हुई, यदि चट्टान खिसकते समय किसी वाहन की आवाजाही होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

चट्टान खिसकने के बाद पुलिस प्रशासन, स्थानीय अधिसूचना विभाग ने भी जायजा लिया तथा राजमार्ग के अधिकारियों ने घटना स्थल पर पहुंच कर राजमार्ग पर यातायात बहाल करने की कवायद शुरू कर दी है। प्रधान संगठन मीडिया प्रभारी योगेन्द्र नेगी ने बताया कि राजमार्ग का बहुत बड़ा हिस्सा खिसक चुका है।व्यापार प्रकोष्ठ प्रदेश महामंत्री आनन्द सिंह रावत ने बताया कि यदि राजमार्ग पर यातायात बहाल नही होता है, तो ऊखीमठ सहित विभिन्न क्षेत्रों में खाद्यान्न व रसोई गैस का संकट पैदा हो सकता है। उनका कहना है कि यदि दैनिक वस्तुओं की आपूर्ति भीरी-मक्कूबैण्ड से होती है,तो दैनिक वस्तुओं के दामों में उछाल आना स्वाभाविक है।

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थानाध्यक्ष रवीन्द्र कुमार कौशल ने बताया कि कुण्ड-ऊखीमठ के मध्य वाहनों की आवाजाही पूर्णतया बन्द कर दी गयी है। गुप्तकाशी से ऊखीमठ, चोपता, गोपेश्वर और बदरीनाथ जाने वाले तीर्थ यात्रियों और ग्रामीणों को विद्यापीठ मोटर मार्ग से भेजा जा रहा है।

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