1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन, दिव्यांगों को सशक्त बनाने की अद्भुत पहल

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन, दिव्यांगों को सशक्त बनाने की अद्भुत पहल

Banda : 'विकसित भारत 2047' के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।✍️Sandeep

By HO BUREAU 

Updated Date

Banda : ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा बांदा जनपद के पूर्व चिन्हित दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बुधवार से सहायक उपकरणों का वितरण और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष मेडिकल शिविरों की शुरुआत की गई है।

पढ़ें :- इटावा सफारी पार्क बना वन्य जीव संरक्षण और पर्यटन का एक मुख्य केंद्र

बबेरू विकास खण्ड परिसर में हुआ कार्यक्रम का भव्य आयोजन

अभियान के पहले दिन विकास खण्ड बबेरू में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बबेरू और कमासिन विकास खण्ड के ग्रामीण अंचलों से आए सैकड़ों लाभार्थियों को सीधे तौर पर लाभान्वित किया गया। शिविर में पूर्व चिन्हित दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, व्हील चेयर, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, बैसाखी, स्मार्ट केन, एमआरकिट, वाकिंग स्टिक और श्रवण यंत्र जैसे आधुनिक उपकरण बांटे गए। सहायक उपकरण पाकर दिव्यांगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने योगी सरकार की इस कल्याणकारी पहल की जमकर सराहना की।

शिविर में 150 प्रतिभागी हुए शामिल

एडीओ आईएसबी अनिल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बबेरू विकासखंड में आयोजित इस कैंप में लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। शिविर में डॉक्टरों की टीम द्वारा कुल 75 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही मौके पर ही लगभग 30 जरूरतमंद दिव्यांगों को उनकी आवश्यकता के अनुसार दिव्यांग टूल्स और सहायक उपकरण वितरित किए गए। इसके अलावा जो दिव्यांगजन किन्हीं कारणों से पूर्व में छूट गए थे उनका नया पंजीकरण किया गया और मौके पर ही कई दिव्यांगों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी पूरी की गई।

अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

योगी सरकार के निर्देशानुसार इस अभियान को पूरी तरह सफल और पारदर्शी बनाने के लिए सीएमओ बांदा को हर विकास खण्ड में निर्धारित तिथि पर मेडिकल बोर्ड, डॉक्टरों की विशेष टीम और एम्बुलेन्स की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को उपकरणों की सुरक्षा और स्टाल लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्राम विकास अधिकारियों, सचिवों, ग्राम प्रधानों और पंचायत सहायकों के माध्यम से गांव-गांव में व्यापक प्रचार-प्रसार कर लाभार्थियों को शिविर स्थल तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी व पिछड़ा वर्ग अधिकारी पूरे कार्यक्रम में समन्वय स्थापित कर इसे सुचारू रूप से संपन्न करा रहे हैं।

पढ़ें :- मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस की बड़ी पहल, सुरक्षा को लेकर महिलाओं और बालिकाओं को किया जागरूक

✍️Sandeep

Disclaimer

इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें। 

पढ़ें :- मध्य प्रदेश: आदिवासी बच्चों की मौत के मुद्दे पर राहुल गांधी 1 अक्टूबर को जाएंगे बालाघाट, प्रभावित परिवारों से करेंगे मुलाकात
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com