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Jharkhand : चुनाव आयोग ने हेमंत सोरेन को राहत देते हुए मामले में पेश होने की तारीख बढ़ाई, 14 जून तक की दी मोहलत

माइनिंग लीज मामला : चुनाव आयोग ने सूबे के सीएम हेमंत सोरेन को राहत देते हुए उनके मामले की सुनवाई की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है।

By इंडिया वॉइस 
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नई दिल्ली, 28 मई 2022। माइनिंग लीज मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चुनाव आयोग से राहत प्रदान की गई है। अवैध खनन की लीज मामले में भारतीय निर्वाचन आयोग ने सीएम हेमंत सोरेन को 31 मई को अपना पक्ष रखने के लिए निर्देश दिये थे। लेकिन शुक्रवार झामुमो की ओर से राज्यपाल रमेश बैस को एक पत्र लिखा गया था और आग्रह किया गया था कि यही संदेश आगे निर्वाचन आयोग को भी प्रेषित कर दिया जाए। आज इस मामले पर गौर करते हुए चुनाव आयोग के द्वारा सीएम को राहत प्रदान करते हुए मामले में पेश होने की तारीख को आगे बढ़ाते हुए 14 जून तक का समय दिया गया है।

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झारखंड के सीएम सोरेन ने चुनाव आयोग को 31 मई में उपस्थित होने में असमर्थता जताई थी। फिलहाल भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा पेश होने की तारीख को आगे बढ़ाने की सूचना मुख्यमंत्री सोरेन और भाजपा को दे दी है। आपको बता दें भाजपा ने राज्य के सीएम हेमंत सोरेन पर अनगड़ा में पत्थर खनन की लीज अपने नाम पर लेने का आरोप लगाते हुए, उन पर ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के तहत कार्रवाई करने की मांग की थी।

क्या है मामला 

पूर्व सीएम व भाजपा के नेता रघुबर दास ने राज्यपाल से शिकायत करते हुए बताया था कि सीएम सोरेन ने अनगड़ा में अवैध तरीके से अपने नाम पर पत्थर खदान की लीज ली है। जबकि वह राज्य के सेवक के पद पर आसीन है। ऐसे में उनके खिलाफ ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का मामला बनता है। अतः भाजपा द्वारा आग्रह किया गया था कि सीएम की विधानसभा की सदस्यता समापत कराई जाए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल रमेश बैस ने पूरा मामले की रिपोर्ट बनाते हुए चुनाव आयोग को भेजी थी। जिस पर चुनाव आयोग ने कार्रवाई करते हुए सीएम हेमंत सोरेन से कहा था कि आप 31 मई तक मामले में अपनी संलिप्तता पर अपना पक्ष रखें।

लेकिन शुक्रवार को झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य विनोद पांडेय के द्वारा राज्यपाल रमेश बैस को एक पत्र भेजा गया था। पत्र में पार्टी की ओर से तर्क दिया गया था कि भाजपा द्वारा सीएम को अयोग्य घोषित करने की शिकायत राज्य में भ्रम की स्थिति बनाने की साजिश है। झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि पत्र को निर्वाचन आयोग को भेज दिया जाए।

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फिलहाल आज मामले पर चुनाव आयोग ने सीएम सोरेन को राहत देते हुए 14 जून तक अपना पक्ष रखने का समय प्रदान किया है।

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