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झारखंड में राष्ट्रीय खेल घोटाले में CBI ने शुरू की जांच, इन दो लोगों पर दर्ज हुए केस

झारखंड हाईकोर्ट ने इन दोनों मामलों की जांच के लिए 11 अप्रैल को ही आदेश पारित कर दिया था।

By Akash Singh 
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झारखंड राज्य में 34 वें राष्ट्रीय खेल घोटाले और 424 करोड़ के मेगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स निर्माण से संबंधित अनियमितता की सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले में 2 प्राथमिक क्या की गई, जिसे रांची सीबीआई के एंटी करप्शन विंग ने शनिवार को किया। इसमें पहली प्राथमिकी रांची धनबाद और जमशेदपुर में बने मेगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण से संबंधित है। जबकि दूसरी प्राथमिकी राष्ट्रीय खेल घोटाले में करीब 28 दशमलव 34 करोड रुपए के घोटाले से संबंधित है।

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झारखंड हाईकोर्ट ने इन दोनों मामलों की जांच के लिए 11 अप्रैल को ही आदेश पारित कर दिया था। इन दोनों प्राथमिकताओं में से 34 में खेल के कार्यकारी अध्यक्ष आरके आनंद, महासचिव एसएम हाशमी, कोषाध्यक्ष मधुकांत पाठक व तत्कालीन खेल निदेशक पीसी मिश्रा को नामजद किया गया है। आपको बता दें कि इस घोटाले में केंद्र और झारखंड के कुछ पूर्व मंत्रियों समेत कई सरकारी अफसरों और नेताओं की भूमिका के बारे में भी बताया गया है।

क्या है कॉम्प्लेक्स निर्माण मामला ?

आपको बता दें यह पूरा मामला स्पोर्ट्स कंपलेक्स के निर्माण से संबंधित था, जिसमें यह तय था कि निर्माण के दौरान जो भी राशि लगेगी उसका 75% केंद्र और बाकी का 25% झारखंड सरकार की तरफ से दिया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट का बजट 206 करोड़ तय हुआ था जो बाद में बढ़कर 340 करोड, फिर उसके बाद 424 करोड हो गया। मन मुताबिक बजट बढ़ाने से संबंधित झारखंड हाई कोर्ट में तीन पीआईएल दायर किए गए थे।

क्या था खेल घोटाला ?

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इस मामले में सीबीआई भोला नाथ सिंह की शिकायत पर केस दर्ज किया था इस मामले में बिना टेंडर के काम सूखने का आरोप था। जैसे कि एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में 11 करोड़ की लागत से लाइट लगाने के लिए बिना टेंडर के बजाज इलेक्ट्रिकल्स को यह काम दे दिया गया था। एक करोड़ से अधिक की रकम भी वीआईपी लाउंज और गेस्ट हाउस की फर्निशिंग में खर्च किए गए पर इसका कोई टेंडर नहीं मनाया गया। धनबाद में 1.7 करोड़ की लागत से स्क्वैश कोर्ट का निर्माण हुआ लेकिन इसके लिए किसी कंपनी को ठेका नहीं दिया गया और एक खेल संघ को इसका काम दे दिया गया था। खेल का सामान भी मुझे दामों पर खरीदने और बिना टेंडर के खरीदने का आरोप था।

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